📅 Tuesday, July 14, 2026 ☁ 32°C · Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

दुनिया का दंगल (International)

जब सर्दी के बीच बरसा बारूद रूस का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन-मिसाइल हमला, यूक्रेन में अंधेरी रात और दहशत का सैलाब!

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एक बार फिर ऐसा हमला हुआ जिसने पूरे यूरोप को हिलाकर रख दिया। रूस ने इस बार यूक्रेन पर 653 से ज्यादा ड्रोन और 51 मिसाइलें दागकर एक महाविनाशक हमला किया, जो हाल के महीनों में सबसे बड़ा माना जा रहा है। यूक्रेनी एयर फोर्स का दावा है कि उनमें से 585 ड्रोन और 30 मिसाइलें हवा में ही गिरा दी गईं, लेकिन बची हुई मिसाइलें और कुछ ड्रोन देश के कई हिस्सों में तबाही मचाने में सफल रहे। इस भीषण हमले में 8 लोग घायल हुए और पूरे देश में दहशत फैल गई।

हमले का दायरा भी बेहद बड़ा था कुल 29 अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया गया। इनमें बिजली घर, ऊर्जा स्टेशन, रेलवे स्टेशन, उद्योगिक इमारतें और कई अहम बुनियादी ढांचे शामिल थे। खास बात यह थी कि हमलावरों ने कुछ पावर प्लांट्स को टारगेट करके यूक्रेन की बिजली और गरमी की सप्लाई को चोट पहुँचाने की कोशिश की। इसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ा और कई इलाकों में बिजली, पानी और हीटिंग सिस्टम ठप हो गया।

इस हमले को बेहद खतरनाक इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यूक्रेन में सर्दियाँ अब अपने शुरुआती दौर में ही हैं। जैसे-जैसे तापमान नीचे गिरता जाएगा, बिजली और गर्मी की जरूरत और बढ़ेगी। रूस के इस हमले का मकसद न सिर्फ सैन्य नुकसान पहुँचाना था, बल्कि यूक्रेन की सिविल लाइफ को भी ठहराव में धकेलना था ताकि लोग ठंड, अंधेरे और डर के बीच कमजोर पड़ जाएँ।

यूक्रेन की सरकार और सेना अभी भी तेजी से क्षति का आकलन करने में जुटी है, जबकि कई शहरों में इमरजेंसी रिपेयर टीमों को काम पर लगा दिया गया है। बिजली ग्रिड को दोबारा जोड़ने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन नुकसान बड़ा है और सर्दी के मौसम में ऐसी मरम्मत आसान नहीं होती।

हमले के बाद यूरोपीय देशों में भी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने इसे रूस की “एनर्जी वॉर” का हिस्सा बताया एक ऐसी रणनीति जिसमें ठंड के मौसम को हथियार बनाकर आम जनता को निशाना बनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है।

यूक्रेन के लोग एक बार फिर मजबूती के साथ खड़े हैं, लेकिन इस हमले ने साफ कर दिया है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ बल्कि और खतरनाक मोड़ ले चुका है। सर्दियों के बीच अचानक हुई यह आग और बारूद की बारिश एक ही संदेश देती है आने वाले महीनों में संघर्ष और भी कठोर हो सकता है।

दुनिया की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यूक्रेन अपनी ऊर्जा सप्लाई को तेजी से बहाल कर पाएगा और क्या रूस अभी और बड़े हमलों की तैयारी में है। इस हमले ने सिर्फ जमीन नहीं, यूक्रेनियों के हौसले को भी चुनौती दी है और यही वजह है कि इसे युद्ध का सबसे निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *