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वायरल Tashan (Viral Videos)

जंतर-मंतर पर आर-पार की लड़ाई! रातभर डटे प्रदर्शनकारी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पीछे हटने से इनकार |

देश की राजधानी जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का केंद्र बन गया है। प्रदर्शनकारियों का धरना अब केवल प्रतीकात्मक विरोध तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह आर-पार की लड़ाई का रूप लेता दिखाई दे रहा है। देर रात तक आंदोलन जारी रहा और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खुले आसमान के नीचे ही डटे रहे। कई लोग धरना स्थल पर ही सो गए, जबकि मंच से लगातार भाषण, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला चलता रहा।

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के लिए प्रशासन से केवल एक दिन की अनुमति ली गई थी। हालांकि आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि उनका विरोध किसी तय समय सीमा से नहीं बंधा है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। यही वजह है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। आंदोलन में शामिल लोगों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और इसके लिए मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। प्रदर्शनकारी लगातार यही संदेश दे रहे हैं कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर है।

धरना स्थल पर दिनभर के साथ-साथ देर रात तक भी भारी हलचल देखने को मिली। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र समूह और समर्थक मंच से अपनी बात रखते रहे। कई प्रदर्शनकारियों ने इसे लंबे संघर्ष की शुरुआत बताया और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

जंतर-मंतर लंबे समय से देश में लोकतांत्रिक विरोध और जनआंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में यहां चल रहा यह आंदोलन भी राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी आंदोलन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा की जा रही हैं, जिससे इसकी चर्चा और बढ़ गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं और संविधान द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। उनका दावा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं देती।

दूसरी ओर, प्रशासन की नजर भी पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। चूंकि प्रदर्शन की अनुमति सीमित अवधि के लिए थी, इसलिए आगे की स्थिति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिए जा सकते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो इसका असर राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा से जुड़े विमर्श पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई संवाद स्थापित होता है या नहीं। फिलहाल जंतर-मंतर पर माहौल संघर्षपूर्ण बना हुआ है और आंदोलनकारियों का संदेश साफ है—“मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।”

written by :- Anjali Mishra

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