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सत्ता का संग्राम (Politics)

वंदे मातरम् विवाद में मुकेश खन्ना का बड़ा सवाल! शर्मिला टैगोर पर टिप्पणी से छिड़ी बहस |

वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस के बीच अभिनेता मुकेश खन्ना के एक बयान ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। मुकेश खन्ना ने दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का जिक्र करते हुए उनकी पहचान और शादी के बाद हुए बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

मुकेश खन्ना ने शर्मिला टैगोर के पुराने नाम और बाद में हुए नाम परिवर्तन का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या शादी के बाद किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान और मूल पहचान को भुला दिया जाता है? इसी सवाल ने इस पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

दरअसल, वंदे मातरम् को लेकर पहले से ही देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। ऐसे समय में किसी चर्चित अभिनेता की ओर से किसी प्रतिष्ठित अभिनेत्री की व्यक्तिगत पहचान और जीवन से जुड़े फैसले पर सवाल उठना सोशल मीडिया के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है।

मुकेश खन्ना के बयान के समर्थक जहां इसे पहचान और संस्कृति से जुड़ा सवाल बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी और व्यक्तिगत फैसलों में दखल के तौर पर देख रहे हैं। यानी एक ही बयान को लेकर दो बिल्कुल अलग-अलग नजरिए सामने आ रहे हैं।

शर्मिला टैगोर भारतीय सिनेमा की बेहद चर्चित अभिनेत्रियों में रही हैं और उनका निजी जीवन भी लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहा है। ऐसे में उनके नाम और शादी के बाद की पहचान को लेकर टिप्पणी ने पुराने सवालों को भी सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में ला दिया है।

हालांकि, इस पूरे विवाद में यह समझना जरूरी है कि मुकेश खन्ना की टिप्पणी को उनकी निजी राय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति के नाम, धर्म या शादी के बाद पहचान में बदलाव को लेकर समाज में अलग-अलग विचार हो सकते हैं और इसी वजह से इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई दिखाई दे रही हैं।

सोशल मीडिया पर अब बहस सिर्फ वंदे मातरम् तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शादी के बाद बदली हुई पहचान को धार्मिक पहचान से जोड़कर देखना सही है? कुछ लोग इसे संस्कृति का विषय मान रहे हैं, तो कुछ इसे पूरी तरह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं।

यानी मुकेश खन्ना की एक टिप्पणी ने वंदे मातरम् विवाद के बीच पहचान, धर्म और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब बड़ा सवाल यही है क्या किसी की शादी के बाद बदली पहचान पर सवाल उठाना सामाजिक बहस का हिस्सा है या फिर यह व्यक्ति की निजी जिंदगी का मामला होना चाहिए?

written by:- Anjali Mishra

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