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जापान में योगी का ‘इन्वेस्टमेंट मिशन’ हिट! 11 हजार करोड़ के करार, छात्रों से संवाद और यूपी को ग्लोबल हब बनाने का बड़ा संदेश !

जापान दौरे पर पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यामानाशी प्रीफेक्चर में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोडशो के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां संसाधनों, मानव शक्ति और बाजार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी अब तेज विकास और उद्योगों के लिए सबसे अनुकूल राज्य बन चुका है।

रोडशो के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, जहां औद्योगिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और दीर्घकालिक निवेश पर विस्तार से चर्चा हुई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान भारत का भरोसेमंद और रणनीतिक सहयोगी रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर यामानाशी प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे सहयोग रिश्तों को नई मजबूती देते हैं।

इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते रहे, जिनमें कई प्रमुख जापानी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की सहमति दी। कृषि यंत्र, ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, हॉस्पिटैलिटी और औद्योगिक क्षेत्रों में हुए ये समझौते राज्य में नई फैक्ट्रियों और रोजगार के अवसरों का रास्ता खोल सकते हैं।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में Kubota Corporation, Minda Corporation, Japan Aviation Electronics Industry, Nagase & Co., Ltd. और Seiko Advance जैसी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए। इन समझौतों को यूपी के औद्योगिक विस्तार और तकनीकी विकास के लिए अहम माना जा रहा है।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान के संबंध सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय जुड़ाव भी दोनों देशों को करीब लाता है। उन्होंने बताया कि यामानाशी प्रीफेक्चर ने भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और गहरी होगी।

दौरे के दौरान एक अलग ही तस्वीर तब देखने को मिली जब यामानाशी के एक स्कूल में छात्रों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और “योगी-योगी” के नारे लगाए। बच्चों के उत्साह ने कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल दिया और यह मुलाकात दौरे का भावनात्मक पल बन गई।

मुख्यमंत्री ने छात्रों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कृति और भारत-जापान संबंधों पर बातचीत की। उन्होंने बच्चों को भारतीय संस्कृति, योग और अनुशासन के महत्व के बारे में बताया और वैश्विक सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया। छात्रों ने भी भारत के बारे में सवाल पूछे, जिससे कार्यक्रम संवादात्मक और यादगार बन गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। विदेशी कंपनियों की भागीदारी से राज्य में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर जापान दौरे ने यह संदेश साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक बड़ा राज्य नहीं बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बदलाव को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से पेश कर रहे हैं।

written by :- Anjali Mishra

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