पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में, दिल्ली और उत्तर भारत में सर्दी ने बढ़ाई ठिठुरन !
पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड और भी बढ़ गई है। वहीं, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई शहरों में पारा करीब 5 डिग्री पर ठहर गया है, जिससे लोगों को सुबह-सुबह घर से निकलने में कठिनाई हो रही है।
मौसम विभाग ने अगले चार–पांच दिनों तक घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान सड़क पर विजिबिलिटी कम रहेगी और ड्राइविंग करते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। सुबह-सुबह और शाम के समय यात्रा करने वालों के लिए यह अलर्ट बेहद जरूरी साबित हो सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ गई है। केदारनाथ, कुल्लू-मनाली और लाहौल की चोटियों पर बर्फ ने सफेद ढाल ओढ़ ली है। इन क्षेत्रों में मौसम का आलम ऐसा है कि लगातार हिमपात जारी है और यहां के स्थानीय लोग एवं पर्यटक अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।
कश्मीर में भी बर्फबारी का असर दिख रहा है। गुलमर्ग में तापमान माइनस 6.5 डिग्री तक गिर गया है, जबकि हिमाचल के ताबो में माइनस 6.8 डिग्री दर्ज किया गया है। इन जगहों पर मौसम का जोरदार असर पर्वतीय जीवन और पर्यटन दोनों पर पड़ रहा है।
मैदानी इलाकों में भी ठंड लगातार बढ़ रही है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में सुबह-सुबह ठंड की वजह से स्कूलों और कामकाजी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग गर्म कपड़े पहनने के साथ ही हीटर और गर्म पानी का सहारा ले रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों की बर्फबारी से नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है, लेकिन मैदानी इलाकों में ठंड की वजह से ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाएगी। इस समय घरों में बिजली और गैस की मांग में तेजी देखी जा रही है।
सड़क परिवहन और हवाई उड़ानों पर भी बर्फबारी और कोहरे का असर पड़ा है। पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में सुबह उड़ानें रद्द या विलंबित हुई हैं। हाईवे और ग्रामीण रास्तों पर कोहरे के कारण यात्रा धीमी हो रही है, जिससे लोग अपने समय का ध्यान रखने को मजबूर हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अलर्ट किया है कि सुबह-सुबह और रात के समय यात्रा करने से बचें। वहीं, पर्वतीय इलाकों में पर्यटकों से भी कहा गया है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करें। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कुल मिलाकर, पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती ठंड ने उत्तर भारत में मौसम को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। चाहे वह दिल्ली हो या हिमाचल-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्र, सभी जगह लोगों को सर्दी, कोहरा और शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है। यह समय सावधानी और तैयारियों का है, ताकि ठंड के इस दौर में सुरक्षित रहकर दिनचर्या जारी रखी जा सके।
written by :- Anjali Mishra
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