लखनऊ में नौकरी के लिए युवाओं का हल्ला बोल, डिप्टी CM आवास का घेराव !
लखनऊ में लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सरकार से जल्द भर्ती निकालने की गुहार लगाई। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक नजर आए और उन्होंने हाथ जोड़कर, यहां तक कि पैर छूकर भी अपनी मांग रखी। उनका कहना था कि वे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं और अब सरकार को उनकी परेशानी का समाधान करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती नहीं हुई है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, लंबे समय से भर्ती नहीं निकलने के कारण बड़ी संख्या में योग्य युवा लगातार सरकारी नौकरी के अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब विभागों में लाइब्रेरियन के पद खाली हैं, तो भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में देरी क्यों की जा रही है।
युवाओं ने यह भी दावा किया कि करीब 362 लाइब्रेरियन पदों की अधियाचना पहले ही भेजी जा चुकी है। ऐसे में उनकी सबसे बड़ी मांग यही है कि इन पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पदों की जरूरत और अधियाचना पहले ही सामने आ चुकी है, तो अब विज्ञापन जारी करने और चयन प्रक्रिया शुरू करने में और देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारी युवाओं ने PET-2025 के आधार पर नई लाइब्रेरियन भर्ती निकालने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि PET में शामिल हो चुके अभ्यर्थियों को भर्ती का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को स्पष्ट समयसीमा के साथ शुरू करने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं की भावुक अपील ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया। हाथ जोड़कर और पैर छूकर नौकरी की गुहार लगाते अभ्यर्थियों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, बल्कि रोजगार और भविष्य का सवाल है। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं का कहना है कि उम्र और अवसर दोनों निकलते जा रहे हैं।
मामले में डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने युवाओं की बात सुनने के बाद UPSSSC के अध्यक्ष से बात करने और इस मामले में समाधान निकालने का भरोसा दिया। इससे प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को कुछ उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यानी अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस मांग पर ठोस फैसला लेने की है। युवाओं की नजर इस बात पर है कि 362 पदों की अधियाचना और PET-2025 के आधार पर भर्ती को लेकर सरकार कब तक कोई स्पष्ट कदम उठाती है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर हुआ प्रदर्शन प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की बेचैनी को सामने लाता है। 2016 के बाद भर्ती न होने का दावा, 362 पदों की अधियाचना और PET-2025 के आधार पर नई भर्ती की मांग इन सभी मुद्दों पर अब सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। ब्रजेश पाठक के आश्वासन के बाद गेंद सरकार के पाले में है और अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या युवाओं के हाथ में जल्द नौकरी का मौका आएगा या आंदोलन अभी और लंबा चलेगा?
written by:- Anjali Mishra
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