गोरखपुर की शाम, सुरों का जादू और अपनों वाला अपनापन !
गोरखपुर महोत्सव के आखिरी दिन जैसे ही मैथिली ठाकुर मंच पर पहुंचीं, पूरा माहौल अपने आप खास हो गया। उनके आते ही दर्शकों की निगाहें मंच पर टिक गईं और शुरुआती सुरों के साथ ही पंडाल में एक अलग ही ऊर्जा भर गई। यह सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि भावनाओं, यादों और अपनापन से […]
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