Friday, September 11, 2026 27.4° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

सत्ता का संग्राम (Politics)

सोनिया गांधी की ‘Belonging’ पर पेंग्विन का बड़ा फैसला! भारत में नहीं छापेगी किताब !

सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह इस किताब को भारत में प्रकाशित नहीं करेगी। इससे किताब के भारतीय प्रकाशन को लेकर पहले से चल रही अटकलों को नया मोड़ मिल गया है।

हालांकि, पेंग्विन ने इस फैसले को किसी बाहरी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ने से इनकार किया है। कंपनी के मुताबिक, लेखक की टीम और प्रकाशक के बीच एक खास मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते भारत में किताब प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया गया। यानी पेंग्विन के अनुसार यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि प्रकाशन से जुड़ी असहमति के कारण हुआ।

लेकिन जिस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई, उसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यही वजह है कि इस मामले को लेकर सवाल और ज्यादा बढ़ गए हैं। आखिर ऐसा कौन-सा मुद्दा था, जिस पर लेखक की टीम और इतने बड़े प्रकाशक के बीच सहमति नहीं बन सकी? फिलहाल इसका आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।

किताब के भारत में प्रकाशन से पेंग्विन के हटने के बाद भी इसकी कहानी खत्म नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में इसे किसी दूसरे प्रकाशक के जरिए प्रकाशित किए जाने की संभावना बनी हुई है। यानी फिलहाल सिर्फ इतना हुआ है कि पेंग्विन इस किताब का भारतीय प्रकाशक नहीं होगा। किताब के भारत में आने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि किताब की अंतरराष्ट्रीय रिलीज 10 नवंबर के लिए निर्धारित है। ऐसे में दुनिया के दूसरे हिस्सों में पाठक इस किताब को तय समय पर पढ़ सकते हैं, जबकि भारत में इसके प्रकाशक को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। अगर कोई नया भारतीय प्रकाशक सामने आता है, तो उसके बाद किताब के भारतीय संस्करण की रिलीज को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

‘Belonging’ को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर काफी उत्सुकता है। सोनिया गांधी के लंबे राजनीतिक जीवन, निजी अनुभवों और परिवार से जुड़े प्रसंगों को लेकर इस किताब को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में भारत में इसके प्रकाशन से जुड़ा कोई भी घटनाक्रम स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बन रहा है।

फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि पेंग्विन ने भारत में किताब प्रकाशित नहीं करने की पुष्टि की है, लेकिन किताब के भविष्य पर पूर्ण विराम नहीं लगा है। प्रकाशक और लेखक की टीम के बीच जिस मुद्दे पर असहमति हुई, उसकी जानकारी गोपनीय है और आगे किसी दूसरे प्रकाशक के जरिए किताब भारत में आ सकती है।

कुल मिलाकर, सोनिया गांधी की ‘Belonging’ पर भारत में पेंग्विन का ब्रेक लगा है, लेकिन किताब की कहानी खत्म नहीं हुई। 10 नवंबर की अंतरराष्ट्रीय रिलीज पर सबकी नजर रहेगी और साथ ही यह भी देखना होगा कि भारत में आखिर कौन-सा प्रकाशक किताब को प्रकाशित करता है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है पेंग्विन से आखिर किस मुद्दे पर बात नहीं बनी और क्या नया भारतीय प्रकाशक उस किताब को उसी रूप में प्रकाशित करेगा?

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *