Friday, September 11, 2026 27.4° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

दुनिया का दंगल (International)

भारत-चीन सीमा पर बड़ी पहल! डोभाल-वांग यी वार्ता में 8 मुद्दों पर बनी सहमति |

भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता से सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता में दोनों देशों ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने को लेकर 8 बिंदुओं पर सहमति जताई है।

इस बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दोनों देश सीमा विवाद के स्थायी समाधान की दिशा में बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। दोनों पक्षों ने 2005 में तय किए गए राजनीतिक मानकों और मार्गदर्शक सिद्धांतों के आधार पर निष्पक्ष, उचित और दोनों देशों को स्वीकार्य समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

वार्ता में सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन को लेकर ‘Early and Substantial Harvest’ की दिशा में काम आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसके लिए संबंधित विशेषज्ञ समूहों को अपनी-अपनी कार्यप्रणाली और Terms of Reference तय करने के बाद बातचीत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका मतलब यह है कि सीमा विवाद के जटिल मुद्दों पर बातचीत को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

साथ ही दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC को बेहतर ढंग से समझने और सीमा पर गलतफहमियों को कम करने के लिए संवाद व्यवस्था मजबूत करने पर भी सहमति जताई है। पूर्वी और मध्य सेक्टर में अतिरिक्त सैन्य बैठक बिंदु और दो नई सैन्य हॉटलाइन स्थापित करने की दिशा में भी सहमति बनी है। इसका उद्देश्य किसी तनाव या गलतफहमी की स्थिति में दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क को बेहतर बनाना है।

बातचीत सिर्फ सीमा और सैन्य मुद्दों तक सीमित नहीं रही। दोनों पक्षों ने सीमा पार नदियों और हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने जैसे मुद्दों पर भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुविधाजनक बनाने और उससे जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2020 के सीमा तनाव के बाद भारत-चीन संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लंबे समय तक तनाव बना रहा था। ऐसे में अब उच्चस्तरीय बातचीत के जरिए सीमा पर स्थिरता बनाए रखने और आपसी संवाद बढ़ाने की कोशिश को रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, 8 बिंदुओं पर सहमति बनना सीमा विवाद का अंतिम समाधान नहीं है। भारत और चीन के बीच सीमा का मुद्दा बेहद जटिल और लंबे समय से चला आ रहा है। इसलिए असली चुनौती यह होगी कि बातचीत में बनी सहमतियों को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है और LAC पर शांति एवं स्थिरता कितनी प्रभावी तरीके से कायम रहती है।

कुल मिलाकर, डोभाल-वांग यी वार्ता से भारत-चीन सीमा विवाद पर एक सकारात्मक कूटनीतिक संकेत जरूर मिला है। नई हॉटलाइन, अतिरिक्त सैन्य संपर्क बिंदु, सीमा प्रबंधन पर बातचीत और सीमा निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने जैसी पहलें दोनों देशों के बीच गलतफहमी और तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि इन 8 सहमतियों को अमल में लाकर दोनों देश सीमा पर स्थायी शांति की दिशा में कितना आगे बढ़ते हैं।

written by:- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *