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सत्ता का संग्राम (Politics)

राबड़ी देवी का बंगला विवाद बिहार की राजनीति फिर गरमाई!

बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। राज्य की नई एनडीए सरकार ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास को बदलने का फैसला लिया है, और इस फैसले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला, जो पिछले 19 साल से राबड़ी देवी के नाम रहा और लालू परिवार का घर भी रहा, अब खाली कराया जा रहा है। इस फैसले के साथ ही उन्हें पटना के 39 हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है।

आरजेडी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि “जो करना है कर लो, लेकिन 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली नहीं किया जाएगा।” पार्टी का यह कहना साफ है कि लालू परिवार ने जिस बंगले में वर्षों से रहकर राजनीतिक और पारिवारिक कामकाज किया है, उसे आसानी से त्यागना नहीं है। यह बंगला सिर्फ घर नहीं, बल्कि पार्टी की राजनीतिक पहचान और इतिहास का हिस्सा भी माना जाता है।

आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “आप 20 साल से मुख्यमंत्री रहे, तो अब तक यह कदम क्यों नहीं उठाया?” मंगनीलाल ने आगे कहा कि कई बड़े नेताओं के बंगले पहले ही ईयर मार्क किए गए थे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष का बंगला इतने साल क्यों नहीं बदला गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल राजनीतिक संकेत देती है और पिछली सरकार की अनदेखी का परिणाम नहीं बन सकती।

इस फैसले ने राजनीतिक वातावरण को और संवेदनशील बना दिया है। विपक्ष ने इसे सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं माना, बल्कि इसे लालू परिवार और आरजेडी के खिलाफ सियासी चाल के रूप में देखा। सोशल मीडिया से लेकर विधानसभा तक, इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक भी इसे बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बड़ी सियासी लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।

हालांकि, सरकार का कहना है कि यह कदम सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। नया आवास आवंटित करना, पुराना बंगला खाली कराना ये केवल नियमों के तहत किया जा रहा है। लेकिन विपक्ष इसे केवल “राजनीति की चाल” मान रहा है, और इसे लेकर बयानबाजी लगातार बढ़ती जा रही है।

राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि इस फैसले का असर सिर्फ बंगले तक सीमित नहीं रहेगा। यह बिहार की सत्ता संघर्ष और लालू परिवार के राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देने का संकेत भी माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आरजेडी और एनडीए के बीच यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और जनता इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

अंततः, राबड़ी देवी का बंगला केवल एक आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की एक प्रतीकात्मक लड़ाई बन गया है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीतिक गर्मी को नई उँचाई दी है और आने वाले दिनों में इसे लेकर बहस और बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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