प्रयागराज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना का जलस्तर लगातार चढ़ा !
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। संगम क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है, जिससे वहां आवाजाही प्रभावित होने लगी है। नदियों के बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और तटीय व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यमुना का जलस्तर नैनी में बढ़कर 80.59 मीटर पहुंच गया है। वहीं फाफामऊ में गंगा का पानी 80.87 मीटर के स्तर पर पहुंच चुका है। छतनाग में भी गंगा का जलस्तर 80.17 मीटर दर्ज किया गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के आसपास के क्षेत्रों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
प्रयागराज में संगम का इलाका खास तौर पर संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां गंगा और यमुना का संगम होता है। जलस्तर बढ़ने के साथ संगम की तरफ जाने वाले रास्तों और निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगता है। सड़क के पानी में डूबने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि अभी दर्ज जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। प्रयागराज में खतरे का निशान 84.734 मीटर बताया गया है। इसके बावजूद नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नदी का पानी किस गति से बढ़ रहा है, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के आसपास जाने से रोकने की सलाह दी जा रही है।
बढ़ते जलस्तर का असर केवल नदी किनारे के इलाकों तक सीमित नहीं रहता। यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने जलभराव और आवागमन की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों को भी सतर्क रखना जरूरी हो जाता है।
फिलहाल प्रयागराज में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे होने के बावजूद बढ़ता पानी प्रशासन के लिए चेतावनी का संकेत है। संगम की सड़क डूबने के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आने वाले समय में जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी के आधार पर प्रशासन आगे के कदम उठा सकता है।
written by:- Anjali Mishra
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