‘जयचंद’ बयान पर विवाद: देवकी नंदन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मामला, 9 जुलाई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश
प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर एक बार फिर अपने बयान को लेकर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। यह विवाद वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 2 दिसंबर 2024 को आयोजित कथा के दौरान दिए गए उनके एक कथन से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भारत विभाजन और कश्मीरी ब्राह्मणों के नरसंहार के लिए ‘जयचंदों’ को जिम्मेदार ठहराया था।
देवकी नंदन ठाकुर ने अपने कथन में कहा था कि “सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा जयचंदों से है। उन्हीं के कारण पाकिस्तान बना और कश्मीरी ब्राह्मणों का नरसंहार हुआ।”
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इस बयान को अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने क्षत्रिय समाज का अपमान बताते हुए इसे आपराधिक मानहानि करार दिया है। उन्होंने आगरा की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रथम की अदालत में परिवाद दायर कर कहा कि कन्नौज के राजा जयचंद को गद्दार कहने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, और ठाकुर का यह कथन पूरे क्षत्रिय समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
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