Gen-Z से UPI तक PM मोदी का बड़ा संदेश! युवाओं पर नजर, भारत की ग्रोथ पर दुनिया का भरोसा |
पीएम मोदी के Gen-Z संवाद में उस वक्त माहौल और भी खास हो गया, जब धुरंधर के गाने पर उनकी एंट्री ने युवाओं के बीच उत्साह बढ़ा दिया। मंच से लेकर सोशल मीडिया तक इस एंट्री की चर्चा होने लगी। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम की असली तस्वीर सिर्फ एंट्री और म्यूजिक तक सीमित नहीं है। इसके पीछे 2027 की सियासत, देश की युवा आबादी और आने वाले चुनावों का बड़ा गणित भी दिखाई देता है।
अगले साल देश के 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और इनमें Gen-Z वोटर्स की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि इन राज्यों में करीब 22 फीसदी वोटर Gen-Z हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाना बड़ी चुनौती भी है और बड़ा अवसर भी। खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में युवा वोटर चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
यही वजह है कि पीएम मोदी का युवाओं के साथ संवाद सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलती राजनीतिक और सामाजिक प्राथमिकताओं का संकेत भी माना जा रहा है। Gen-Z रोजगार, टेक्नोलॉजी, डिजिटल सुविधा, स्टार्टअप और नए अवसरों को लेकर काफी मुखर है। ऐसे में सरकार की नीतियों और भविष्य के भारत की तस्वीर को युवाओं से जोड़ना आने वाले समय में राजनीतिक संवाद का अहम हिस्सा बन सकता है।
इसी बीच मुंबई में आयोजित Global FinTech Fest में पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल ताकत और आर्थिक बदलाव की कहानी को सामने रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पीएम ने खास तौर पर UPI का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब एक दशक पहले जब बैंकिंग और पेमेंट को लोगों की उंगलियों तक पहुंचाने की बात होती थी, तब शायद बहुत कम लोगों को विश्वास था कि यह इतनी बड़ी हकीकत बन जाएगी।
आज UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहचान बन चुका है। मोबाइल फोन के जरिए कुछ सेकंड में होने वाला पेमेंट आम जिंदगी का हिस्सा बन गया है। छोटी दुकानों से लेकर बड़े कारोबार तक डिजिटल पेमेंट ने लेन-देन का तरीका बदल दिया है। पीएम मोदी ने इसी बदलाव को भारत की टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षमता से जोड़ते हुए दुनिया के सामने रखा।
अब भारत की नजर सिर्फ अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने पर नहीं है। लक्ष्य अलग-अलग देशों के पेमेंट सिस्टम के साथ बेहतर कनेक्टिविटी बनाने का भी है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम की पहुंच और बढ़ सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार और वित्तीय लेन-देन को नई सुविधा मिल सकती है।
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक दिशा को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ से जोड़ते हुए कहा कि सुधारों की रफ्तार आगे और तेज होगी। सरकार का फोकस नए रिफॉर्म, निवेश और विकास को गति देने पर है। इसके पीछे बड़ा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देना और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
एक तरफ Gen-Z के साथ संवाद और दूसरी तरफ ग्लोबल फिनटेक मंच से भारत की डिजिटल और आर्थिक क्षमता का प्रदर्शन दोनों तस्वीरों को साथ देखें तो सरकार का फोकस साफ दिखाई देता है। सवाल सिर्फ आज की उपलब्धियों का नहीं, बल्कि उस भारत का है जिसमें युवा आबादी, टेक्नोलॉजी, निवेश और आर्थिक सुधार मिलकर अगले दशक की कहानी लिखें। क्या Gen-Z की ऊर्जा और भारत की डिजिटल ताकत मिलकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई रफ्तार दे पाएगी?
written by:- Anjali Mishra
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