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साइंस की दुनिया (Science)

ISRO का नया सैटेलाइट अंतरिक्ष में! सीमा पर नजर, आपदा में भी बनेगा मददगार |

भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। ISRO ने GSLV रॉकेट के जरिए एक इमेजिंग सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा है। इस सैटेलाइट से पृथ्वी की निगरानी और हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग में मदद मिलने की उम्मीद है। इसकी क्षमता भारत की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन, दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बताया जा रहा है कि सैटेलाइट करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से पृथ्वी की निगरानी में मदद करेगा। इतनी ऊंचाई से लगातार निगरानी की क्षमता भारत के लिए रणनीतिक तौर पर अहम हो सकती है। खासकर सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों पर नजर रखने में इससे मिलने वाला डेटा उपयोगी साबित हो सकता है।

इस सैटेलाइट की तस्वीरों और डेटा से पाकिस्तान और चीन से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने में भी मदद मिलने की बात कही जा रही है। यानी भारत की अंतरिक्ष आधारित निगरानी क्षमता और मजबूत हो सकती है। हालांकि सैटेलाइट का इस्तेमाल सिर्फ सैन्य या सुरक्षा उद्देश्यों तक सीमित नहीं रहेगा।

इसका एक बड़ा फायदा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी हो सकता है। बाढ़, भूकंप, भूस्खलन या किसी बड़े प्राकृतिक संकट के समय अंतरिक्ष से मिलने वाली तस्वीरें प्रभावित इलाकों की स्थिति समझने में मदद कर सकती हैं। इससे प्रशासन को नुकसान का आकलन करने और राहत-बचाव अभियान की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

मान लीजिए किसी इलाके में अचानक बाढ़ आ जाती है और सड़कें या पुल पानी में डूब जाते हैं। ऐसे समय में सैटेलाइट इमेजरी के जरिए यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और किन रास्तों से राहत सामग्री पहुंचाई जा सकती है। यानी अंतरिक्ष से मिलने वाला डेटा जमीन पर राहत कार्य को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।

भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरिक्ष तकनीक अब सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोगों तक सीमित नहीं रह गई है। मौसम की निगरानी, कृषि, संचार, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सैटेलाइट डेटा की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

इस मिशन के जरिए भारत की स्पेस-बेस्ड सर्विलांस क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। एक तरफ संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की क्षमता बढ़ेगी, तो दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदाओं के समय तेजी से जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।

यानी ISRO का यह मिशन दोहरी भूमिका निभा सकता है अंतरिक्ष से निगरानी भी और जमीन पर लोगों की मदद भी। सुरक्षा से लेकर बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं तक, सैटेलाइट से मिलने वाला डेटा आने वाले समय में भारत की रणनीतिक और नागरिक क्षमताओं के लिए कितना महत्वपूर्ण साबित होगा, यह देखने वाली बात होगी।

written by :- Anjali Mishra

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