यूपी में स्टार्टअप्स को बड़ा बूस्ट! CM योगी देंगे 107 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि !
लखनऊ के लोकभवन में आज स्टार्टअप्स और इनोवेशन को लेकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में 107 स्टार्टअप्स और 9 इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि देंगे। सरकार का फोकस प्रदेश में नए कारोबार और इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित करने पर है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के स्टार्टअप्स और उनसे जुड़ी सुविधाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की जाएगी। नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर मार्गदर्शन, नेटवर्क और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने वाले संस्थानों का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
IIT कानपुर से जुड़े स्टार्टअप्स को भी कार्यक्रम के दौरान प्रशंसा प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT कानपुर से निकलने वाले इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना प्रदेश के टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे रिसर्च, टेक्नोलॉजी और बिजनेस के बीच बेहतर तालमेल बनाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में लखनऊ और नोएडा में U-Hub डीप-टेक सेंटर शुरू करने का ऐलान भी किया जाएगा। डीप-टेक का मतलब ऐसी तकनीकों से है जिनके पीछे उन्नत वैज्ञानिक रिसर्च और तकनीकी नवाचार होता है। ऐसे सेंटर बनने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, डीप टेक्नोलॉजी और दूसरे हाई-टेक क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने के लिए बेहतर इकोसिस्टम मिलने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में फिलहाल 88 इनक्यूबेटर्स हैं और 84 यूनिकॉर्न मौजूद हैं। सरकार यूपी को देश का चौथा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बता रही है। अगर यह इकोसिस्टम लगातार विस्तार करता है तो प्रदेश में नए उद्यमियों के लिए फंडिंग, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच के अवसर बढ़ सकते हैं।
स्टार्टअप्स का विस्तार केवल नई कंपनियां बनाने तक सीमित नहीं रहता। सफल स्टार्टअप्स निवेश आकर्षित करते हैं, नए उत्पाद और सेवाएं विकसित करते हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि और इनक्यूबेशन सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य शुरुआती दौर में कारोबार शुरू करने वाले युवाओं और उद्यमियों की मुश्किलों को कम करना भी है।
लखनऊ और नोएडा जैसे शहरों में डीप-टेक सेंटर की शुरुआत का प्रस्ताव यह संकेत देता है कि यूपी का स्टार्टअप फोकस अब केवल सामान्य बिजनेस मॉडल तक सीमित नहीं रखना चाहता। हाई-टेक और रिसर्च आधारित कंपनियों को बढ़ावा देकर सरकार प्रदेश को तकनीकी नवाचार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रही है। इससे आईटी, इंजीनियरिंग और रिसर्च से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर बन सकते हैं।
कुल मिलाकर, लोकभवन का यह कार्यक्रम यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। 107 स्टार्टअप्स और 9 इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि, स्टार्टअप मिशन पोर्टल की शुरुआत, नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता और लखनऊ-नोएडा में डीप-टेक सेंटर की घोषणा इन सभी कदमों का लक्ष्य प्रदेश में उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना है। सरकार की रणनीति साफ है स्टार्टअप बढ़ेंगे, निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार व नए कारोबार के अवसर पैदा होंगे।
written by:- Anjali Mishra
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