स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर हमला, महिला आरक्षण पर मांगा जवाब !
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के महिलाओं के समर्थन में दिए गए बयान पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने कथनों को व्यवहार में उतारने की चुनौती दी है। स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के समर्थक हैं, तो उन्हें 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को जल्द लागू कराने का समर्थन करना चाहिए। उनके इस बयान ने महिला आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
स्मृति ईरानी का कहना है कि महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण की बात केवल मंचों से दिए जाने वाले भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों और नेताओं को महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में ज्यादा भागीदारी देने के लिए ठोस कदमों का समर्थन करना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वह महिला आरक्षण को जल्द लागू कराने के पक्ष में खुलकर खड़े होंगे।
उन्होंने महिला राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी राहुल गांधी से अपना समर्थन स्पष्ट करने की अपील की। स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने की बात तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब राजनीतिक स्तर पर भी उसका वास्तविक समर्थन दिखाई दे। उनका इशारा इस ओर था कि महिलाओं के सशक्तिकरण का दावा केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
इसके साथ ही स्मृति ईरानी ने कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम गाने की भी अपील की। उन्होंने इस मुद्दे को भी राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाया। यानी स्मृति ईरानी ने अपने बयान में महिला आरक्षण के साथ राष्ट्रगीत से जुड़े मुद्दे को भी उठाया और कांग्रेस से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
स्मृति ईरानी के बयान को बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के महिलाओं के समर्थन वाले बयान को आधार बनाकर सीधे उनसे जवाब मांगा है। ऐसे में महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का एक और विषय बन सकता है।
महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा होती रही है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की मांग के बीच 33 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा है। स्मृति ईरानी इसी विषय को उठाते हुए यह सवाल सामने रख रही हैं कि अगर महिला सशक्तिकरण को लेकर राजनीतिक सहमति है, तो इसे जमीन पर लागू करने के लिए सभी दलों को स्पष्ट समर्थन देना चाहिए।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के महिला सशक्तिकरण वाले बयान पर पलटवार करते हुए उनसे अपने राजनीतिक रुख को कार्रवाई के जरिए साबित करने की मांग की है। उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के समर्थन के साथ कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम गाने की अपील भी की। अब इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।
written by:- Anjali Mishra
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