जयंत चौधरी का अखिलेश पर पलटवार, जाट समाज पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी !
दिल्ली में आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए राजनीतिक भाषा और जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर सवाल खड़े किए। जयंत चौधरी ने कहा कि अगर सियासत की लड़ाई में सस्ते शब्दों का इस्तेमाल करना ही था, तो सीधे उनका नाम लेकर बात की जा सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन किसी पूरे समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है।
जयंत चौधरी ने खास तौर पर उस टिप्पणी पर नाराजगी जताई, जिसमें जाट समाज को लेकर कहा गया कि “ABCD हमने सिखाई।” उन्होंने इसे लेकर कहा कि किसी समाज की पहचान, योगदान और सम्मान को इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी में नहीं घसीटना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन समाज विशेष पर टिप्पणी करना एक अलग तरह का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोधियों पर हमला करना सामान्य बात है और हर दल अपने प्रतिद्वंद्वी की नीतियों व विचारों पर सवाल उठाता है। लेकिन जब राजनीतिक लड़ाई व्यक्तिगत कटाक्ष और समाज विशेष को लेकर टिप्पणियों तक पहुंच जाती है, तो इससे बहस का स्तर प्रभावित होता है। जयंत चौधरी ने कहा कि अगर निशाना उन पर था, तो सीधे उनका नाम लेकर बात की जानी चाहिए थी।
जयंत ने अपने बयान में अहंकार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के अहंकार को करीब से देख चुके हैं और राजनीति में ऐसा व्यवहार लंबे समय तक किसी के लिए फायदेमंद साबित नहीं होता। उनके अनुसार, जब कोई नेता या राजनीतिक दल खुद को दूसरों से ऊपर समझने लगता है और सम्मानजनक राजनीतिक व्यवहार से दूर हो जाता है, तो इसका असर आखिरकार उसकी राजनीतिक यात्रा पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीति में भाषा और व्यवहार की अहम भूमिका होती है। जनता केवल नेताओं के वादों और घोषणाओं को ही नहीं देखती, बल्कि यह भी देखती है कि राजनीतिक नेता अपने विरोधियों, सहयोगियों और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बारे में किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी बयान का राजनीतिक असर उसके तत्काल उद्देश्य से कहीं ज्यादा व्यापक हो सकता है।
जयंत चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरणों और अलग-अलग समुदायों को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। जाट समाज पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है और ऐसे में समाज से जुड़े मुद्दों पर नेताओं की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जाती है।
कुल मिलाकर, जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए साफ संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक लड़ाई में व्यक्तिगत या दलगत आलोचना अलग बात है, लेकिन किसी पूरे समाज को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने अहंकार को भी राजनीतिक पतन से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह का आचरण अंततः राजनीति में नुकसान पहुंचा सकता है। उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी और राजनीतिक टकराव के और तेज होने की संभावना है।
written by:- Anjali Mishra
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