जंतर-मंतर का सीजन-2 जल्द! CJP का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर BJP पर लगाए गंभीर आरोप!
जंतर-मंतर पर हुए पिछले आंदोलन की चर्चा अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थी कि अब उसके ‘सीजन-2’ का ऐलान सामने आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए दावा किया है कि जंतर-मंतर का सीजन-2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है। उनका कहना है कि इंस्टाग्राम पर लगातार लोग उनसे पूछ रहे थे—“भाई, सीजन-2 कब आएगा?” और अब उन्होंने इसका जवाब देते हुए संकेत दिया है कि जल्द ही एक बार फिर आंदोलन की तैयारी शुरू हो सकती है।
अभिजीत दीपके के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर उन लोगों की नजर इस बात पर है कि अगर सीजन-2 शुरू होता है तो इस बार इसका मुद्दा क्या होगा, कितने लोग इसमें शामिल होंगे और क्या पिछली बार की तरह यह आंदोलन भी जंतर-मंतर से अपनी आवाज बुलंद करेगा। फिलहाल ऐलान सामने आया है, लेकिन आंदोलन की तारीख, स्वरूप और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।
लेकिन इस कहानी में सिर्फ आंदोलन का ऐलान ही नहीं है, बल्कि एक और दावा सामने आया है। अभिजीत दीपके के मुताबिक दिल्ली में CJP की वॉलंटियर्स मीट आयोजित करने के लिए उन्हें हॉल उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि कुछ जगहों पर उन्हें कथित तौर पर “ऊपर से दबाव” होने की बात बताई गई। इसी आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा का हाथ हो सकता है।
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि BJP पर लगाए गए ये आरोप अभिजीत दीपके के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संगठन के नेता द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। दूसरी तरफ, अगर इन दावों पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो उससे इस विवाद का दूसरा पक्ष भी सामने आ सकता है।
दीपके ने अपने बयान में यह संदेश भी दिया कि अगर किसी को लगता है कि कथित दबाव या आयोजन के लिए जगह न मिलने जैसी परिस्थितियों से CJP पीछे हट जाएगी, तो ऐसा नहीं होगा। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियां उन्हें डराने के बजाय और मजबूती से आगे बढ़ने का कारण बनेंगी। यानी संगठन की तरफ से संकेत साफ है कि अगर सीजन-2 की घोषणा की गई है, तो इसके पीछे आगे किसी बड़े कार्यक्रम की तैयारी हो सकती है।
अब दिलचस्प सवाल यह है कि ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ आखिर कितना बड़ा होगा? क्या इसमें पिछली बार से ज्यादा लोग शामिल होंगे? क्या सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा जमीन पर भीड़ में बदलेगी? क्या सरकार या प्रशासन की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया आएगी? और सबसे अहम—क्या CJP इस बार अपने आंदोलन को किसी बड़े राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे से जोड़ने वाली है?
सोशल मीडिया की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। आज किसी आंदोलन का असर सिर्फ प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं रहता। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आंदोलन का संदेश हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच सकता है। CJP के समर्थक पहले से ही सीजन-2 को लेकर सवाल पूछ रहे थे, ऐसे में इसका ऐलान सोशल मीडिया पर संगठन की गतिविधियों को फिर से चर्चा में ला सकता है।
लेकिन किसी भी आंदोलन की असली परीक्षा सिर्फ ऐलान से नहीं होती। यह देखना होगा कि संगठन कितने लोगों को अपने साथ जोड़ पाता है, प्रशासन से उसकी क्या बातचीत होती है और आंदोलन किन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ता है। अगर सीजन-2 वास्तव में शुरू होता है, तो उसकी दिशा और प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि उसके मुद्दे आम लोगों और युवाओं के बीच कितनी मजबूती से जुड़ पाते हैं।
फिलहाल CJP की तरफ से ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ का ऐलान हो चुका है, और हॉल न मिलने को लेकर लगाए गए आरोपों ने इस घोषणा को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में संगठन की ओर से तारीख और कार्यक्रम को लेकर क्या जानकारी सामने आती है। क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया का ऐलान रहेगा या सच में जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ा जमावड़ा देखने को मिलेगा?
written by :- sherry akash
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