Friday, September 11, 2026 27.4° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

Social Media

22 साल बाद घर लौटा बेटा: निगोहां में खुशी की लहर, मां-बाप भी नहीं पहचान सके पहले

राजधानी लखनऊ के निगोहां क्षेत्र में उस समय खुशी और आश्चर्य का माहौल बन गया जब रामेश्वर उर्फ़ टिन्ना का 22 साल पहले लापता हुआ बेटा सोनू अचानक घर लौट आया। रामेश्वर के घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हर कोई सोनू की ज़िंदगी के उन 22 सालों की कहानी जानने को उत्सुक था, जो उसने अपने परिवार से दूर दिल्ली जैसे अनजान शहर में गुजारे।

निगोहां गांव निवासी रामेश्वर एक राजगीर हैं, जो अपनी पत्नी चंद्रकली और बच्चों — बड़ा बेटा राजेंद्र, मंझला बेटा सोनू, छोटा बेटा मोनू तथा बेटियां सरिता और सविता — के साथ रहते हैं। उनकी एक बेटी शिल्पी की कुछ वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

Also Read: “अखिलेश यादव का संकल्प: ‘सामाजिक न्याय के राज’ से ही बदलेगा देश का भविष्य”

रामेश्वर ने बताया कि उनका मंझला बेटा सोनू 12 साल की उम्र में अपने चाचा हरिश्चंद्र के साथ दिल्ली गया था। कुछ दिन बाद ही वह दिल्ली से लापता हो गया। परिजन उसे खोजने दिल्ली पहुंचे और वहां उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई, लेकिन वर्षों की कोशिश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। समय के साथ माता-पिता ने उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी, और बेटे के ग़म में रामेश्वर की तबीयत भी लगातार बिगड़ती चली गई।

22 साल बाद सोनू जब निगोहां वापस लौटा, तो अपने पुराने घर को खंडहर में बदला देख वह फूट-फूट कर रो पड़ा। आसपास के लोगों ने उससे कारण पूछा तो उसने बताया कि यही उसका घर है और उसके मां-बाप कहां हैं। जब उसने अपने माता-पिता का नाम बताया तो ग्रामीण उसे पास ही स्थित उनके नए घर तक ले गए।

रामेश्वर और चंद्रकली ने पहले तो उसे पहचानने से इनकार कर दिया, लेकिन जब सोनू ने अपने बचपन की कुछ ऐसी बातें बताईं जो सिर्फ परिवार ही जान सकता था, तो माता-पिता की आंखें भर आईं। दोनों ने भावुक होकर उसे गले से लगा लिया। गांव में इस मिलन की खबर फैलते ही लोग बधाई देने पहुंचने लगे।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *