बिहार में बाढ़ का संकट, महाराष्ट्र में बारिश का कहर! मौसम ने बदली देश की तस्वीर |
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज इस वक्त पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। कहीं भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हैं, तो कहीं लगातार बरसात ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक मौसम की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिसने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर बताया जा रहा है। राज्य के 13 जिलों में करीब 27 लाख लोगों के प्रभावित होने की खबर है। कई इलाकों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की चुनौती बनी हुई है।
बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को होती है, जिनका संपर्क सड़क और स्थानीय परिवहन से टूट जाता है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ राहत और बचाव कार्य भी चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित इलाकों तक भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होती है।
वहीं महाराष्ट्र में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंबोली में चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश दर्ज होने की खबर सामने आई है। अंबोली पश्चिमी घाट का इलाका है और यहां भारी बारिश कोई नई बात नहीं है, लेकिन इतनी ज्यादा बारिश होने पर सड़क, यातायात और स्थानीय जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
यानी एक तरफ बिहार में बाढ़ लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है, तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र में आसमान से बरसता पानी परेशानी बढ़ा रहा है। दोनों राज्यों की स्थिति अलग है, लेकिन वजह मौसम की भारी सक्रियता ही दिखाई दे रही है।
इस बीच सैटेलाइट तस्वीरों में देश के बड़े हिस्से से बादल हटते हुए भी नजर आ रहे हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि कई क्षेत्रों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, किसी इलाके में बादल कम होना यह जरूरी नहीं कि वहां बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया हो।
मौसम की यह तस्वीर बताती है कि मानसून के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में परिस्थितियां कितनी तेजी से बदल सकती हैं। कुछ जगहों पर राहत की शुरुआत दिखाई देती है, तो कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले दिनों में बिहार को बाढ़ से राहत मिलेगी और महाराष्ट्र में बारिश का दौर थमेगा? क्योंकि मौसम की हर नई करवट के साथ लाखों लोगों की मुश्किलें और राहत की उम्मीद, दोनों बदल सकती हैं।
written by:- Anjali Mishra
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