SCO में फिर गरजा सिंधु जल विवाद! मोदी का आतंकवाद पर पाकिस्तान को सख्त संदेश |
SCO समिट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाकर भारत के सामने पानी का सवाल रखा। शरीफ ने कहा कि पानी को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव लगातार बढ़ा हुआ है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक टकराव भी देखने को मिल रहा है।
शहबाज शरीफ का संदेश साफ तौर पर सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की चिंता को सामने रखने वाला था। पाकिस्तान लंबे समय से इस संधि को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताता रहा है। वहीं भारत का रुख यह है कि मौजूदा परिस्थितियों में संधि से जुड़े विवाद को जिस तरह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया में ले जाया गया, उस पर ही गंभीर सवाल हैं।
इसी बीच हेग स्थित मध्यस्थता अदालत के फैसले को लेकर भी भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सिंधु जल संधि से जुड़े विवाद में अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, लेकिन भारत ने इस ट्रिब्यूनल की वैधता और अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया। भारत का कहना है कि यह ट्रिब्यूनल अवैध रूप से गठित हुआ है और उसे इस मामले में फैसला देने का अधिकार नहीं है।
यानी एक तरफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर पानी के मुद्दे को लगातार उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भारत इस पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया को ही चुनौती दे रहा है। यही वजह है कि SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठना दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को एक बार फिर सामने ले आया है।
लेकिन SCO में भारत की ओर से सिर्फ पानी के मुद्दे पर ही संदेश नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद को नीति के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में खास महत्व रखता है जब भारत लगातार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई की मांग करता रहा है।
मोदी का संदेश सीधे तौर पर उन देशों के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जिन पर आतंकवाद को समर्थन देने या उसे रणनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं। SCO जैसे मंच पर आतंकवाद का मुद्दा उठाकर भारत ने यह संकेत दिया कि क्षेत्रीय सहयोग की बात तभी प्रभावी हो सकती है, जब आतंकवाद के खिलाफ सभी देश एक समान और स्पष्ट नीति अपनाएं।
इस पूरे घटनाक्रम में दिलचस्प बात यह है कि एक ही मंच पर भारत और पाकिस्तान के दो प्रमुख मुद्दे सामने आ गए पाकिस्तान ने पानी का सवाल उठाया, जबकि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। दोनों देशों की प्राथमिकताएं और आरोप-प्रत्यारोप एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दिए।
अब देखना यह होगा कि SCO के मंच से उठे ये मुद्दे आगे किस दिशा में जाते हैं। क्या सिंधु जल संधि को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ेगा, या बातचीत का कोई रास्ता निकलेगा? और क्या आतंकवाद के खिलाफ भारत की मांग को SCO के अन्य सदस्य देशों का मजबूत समर्थन मिलता है? अब सवाल यही है SCO में भारत के सख्त रुख का पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा?
written by:- Anjali Mishra
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