मोदी-पुतिन की लंबी बातचीत! ऊर्जा से स्पेस तक, भारत-रूस दोस्ती पर बड़ा फोकस |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर विस्तार से बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच भारत और रूस की स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई। बातचीत में दोनों देशों के रिश्तों में हाल के वर्षों में हुई प्रगति और भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी बात हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं और दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है। उन्होंने खास तौर पर ऊर्जा, इनोवेशन, स्पेस, फर्टिलाइजर और लोगों के बीच संपर्क को द्विपक्षीय रिश्तों के महत्वपूर्ण फोकस एरिया के तौर पर रेखांकित किया। यानी दोनों देशों की साझेदारी अब सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी और रणनीतिक क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार हो रहा है।
इस बातचीत से पहले किर्गिस्तान में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात भी देखने को मिली। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात के दौरान गर्मजोशी से अभिवादन किया और गले मिले। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स की सेरेमनी के लिए रवाना हुए। दोनों नेताओं की यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को BRICS समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बना हुआ है। SCO और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों की मौजूदगी के बीच मोदी-पुतिन की मुलाकात को कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
भारत-रूस रिश्तों में ऊर्जा क्षेत्र लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इसके अलावा उर्वरक, अंतरिक्ष और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से इन क्षेत्रों का विशेष उल्लेख यह बताता है कि भारत अपनी रूस नीति में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के कई नए आयामों को महत्व दे रहा है।
SCO समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन भी होना है। इससे पहले उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के अलावा ईरान के राष्ट्रपति और अन्य नेताओं से मुलाकात की। यानी SCO सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बनी हुई है और अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत के जरिए कई मुद्दों पर संवाद आगे बढ़ाया जा रहा है।
मोदी-पुतिन की इस मुलाकात को ऐसे समय में भी अहम माना जा रहा है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत का रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक संबंधों को बनाए रखते हुए ऊर्जा, तकनीक, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार सीधा संवाद इस साझेदारी की अहमियत को भी दिखाता है।
कुल मिलाकर, मोदी-पुतिन की फोन पर लंबी बातचीत और SCO समिट में आमने-सामने की गर्मजोशी भरी मुलाकात ने भारत-रूस रिश्तों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। ऊर्जा से लेकर स्पेस और फर्टिलाइजर से लेकर इनोवेशन तक कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर फोकस है। अब नजर प्रधानमंत्री मोदी के SCO संबोधन और BRICS समिट को लेकर आगे होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों पर रहेगी।
written by:- Anjali Mishra
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