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दुनिया का दंगल (International)

ट्रंप का ईरान और भारत-पाकिस्तान पर बयान: अल्टीमेटम और पुराने दावे फिर सुर्खियों में !

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर परमाणु समझौता नहीं हुआ तो हालात गंभीर रूप से बदल सकते हैं। उन्होंने ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब Geneva में अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष बातचीत चल रही है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मध्यस्थों के जरिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरकची से बातचीत कर रहे हैं। इन चर्चाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परमाणु विवाद टकराव में बदलने से पहले सुलझ जाए।

इस बीच ट्रंप ने अपने बयान में पिछले अनुभवों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान उन्होंने बीच-बचाव कर दोनों देशों को युद्ध से रोकने का काम किया था। इस दावे ने राजनीतिक गलियारों और मीडिया में चर्चा का नया दौर शुरू कर दिया है।

हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह पाकिस्तान के साथ किसी भी मसले पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता। ऐसे में ट्रंप के इस दावे को भारतीय पक्ष ने सख्ती से खारिज किया। भारत का कहना रहा है कि उसके निर्णय और रणनीति पूरी तरह राष्ट्रीय हित पर आधारित होती है और किसी विदेशी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।

ट्रंप ने अपने “बोर्ड ऑफ पीस” कार्यक्रम में यह भी दावा किया कि उस दौरान 11 लड़ाकू विमान गिराए गए थे, जिन्हें उन्होंने बेहद महंगा बताया। उनका तर्क था कि यह एक बड़ा और महंगा सैन्य टकराव टाला गया। इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बहस को फिर से सक्रिय कर दिया।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन दावों को स्पष्ट रूप से नकारते हुए कहा कि भारत ने कभी भी विदेशी मध्यस्थता पर निर्भर नहीं होने की नीति अपनाई है। मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप के बयान में तथ्यों की पुष्टि नहीं है और यह सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोण से दिया गया बयान प्रतीत होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आंतरिक अमेरिकी राजनीति और विदेश नीति के संयोजन का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने इसे वैश्विक मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रियता दिखाने के लिए रखा है।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत के साथ ही ट्रंप के पुराने दावों ने अंतरराष्ट्रीय चर्चा को और गहरा कर दिया है। अब सभी की नजर अगले 10 दिनों पर है, जब ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है और इस पर प्रतिक्रिया सामने आएगी।

इस मामले में मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक दोनों ही पक्षों के दावों और भारतीय रुख पर ध्यान दे रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप के बयान ने न केवल भारत-पाकिस्तान विवाद पर बल्कि मध्यपूर्व और वैश्विक राजनीति पर भी असर डाला है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप के अल्टीमेटम और पुराने दावों का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर क्या असर पड़ता है, और ईरान, भारत-पाकिस्तान समेत अन्य देशों की प्रतिक्रिया कैसी आती है।

written by :- Anjali Mishra

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