Saturday, September 12, 2026 27.3° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

दुनिया का दंगल (International)

भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी पर बड़ा बयान, सर्गेई लावरोव ने भरोसा दिलाया ‘भारत के हित सुरक्षित रहेंगे’ !

भारत में ईंधन बचत और ऊर्जा खपत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रूस की ओर से एक अहम और सकारात्मक संकेत सामने आया है, जिसने कूटनीतिक और ऊर्जा क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। इस बीच रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भारत दौरे से पहले दिए एक इंटरव्यू में साफ कहा है कि ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े सभी समझौतों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और भारत के हितों को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

लावरोव के इस बयान को भारत-रूस संबंधों में भरोसे की मजबूत पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच साझेदारी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी बेहद मजबूत है और इसमें किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

ऊर्जा सहयोग को लेकर रूस ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे कच्चे तेल, गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति को लेकर भारत को स्थिरता मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रूस से ऊर्जा आयात में काफी वृद्धि की है, और यह साझेदारी दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

इस बयान को ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब भारत में ईंधन बचत और ऊर्जा दक्षता को लेकर विभिन्न स्तरों पर नीतिगत चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में रूस का यह आश्वासन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लावरोव का यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे को और मजबूत करता है। भारत और रूस की साझेदारी दशकों पुरानी है, जो रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई अहम क्षेत्रों में फैली हुई है।

ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह साझेदारी भारत के लिए बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में रूस की ओर से निरंतर आपूर्ति का भरोसा भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए राहत की बात माना जा रहा है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस तरह के बयान केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं होते, बल्कि ये आने वाले समय में ऊर्जा व्यापार की दिशा को भी तय करते हैं। भारत के बढ़ते ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए रूस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल लावरोव के इस बयान के बाद भारत-रूस संबंधों में एक बार फिर भरोसे और सहयोग का संदेश गया है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

written by :- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *