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MBBS की 13 हजार से ज्यादा नई सीटें बढ़ीं! मेडिकल छात्रों के लिए कितनी बड़ी राहत?

अगर आपका सपना डॉक्टर बनने का है, तो ये खबर आपके लिए बेहद अहम है। देशभर में MBBS की 13,186 नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिसके बाद अब देश में MBBS की कुल सीटों की संख्या 1.40 लाख से ज्यादा हो गई है।

सीटों में ये बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब हर साल लाखों छात्र NEET-UG की परीक्षा देकर मेडिकल कॉलेज में दाखिले की कोशिश करते हैं। यानी मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रों की संख्या लगातार बड़ी है, लेकिन सीटें सीमित होने की वजह से सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाना बेहद प्रतिस्पर्धी रहता है।

अब इन नई सीटों का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा? इसका सीधा फायदा ये है कि मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सीटों का पूल बढ़ गया है। यानी समान NEET काउंसलिंग प्रक्रिया में छात्रों के सामने पहले की तुलना में ज्यादा सीटें उपलब्ध होंगी।

इस बढ़ोतरी में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की हिस्सेदारी भी महत्वपूर्ण है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,786 नई MBBS सीटें जोड़ी गई हैं। सरकारी कॉलेजों की फीस आमतौर पर निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए इन सीटों की बढ़ोतरी छात्रों और उनके परिवारों के लिए खास मायने रखती है।

इसे ऐसे समझिए अगर किसी छात्र की NEET रैंक पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट के लिए सीमा के आसपास रहती थी, तो सीटों की संख्या बढ़ने से कुछ मामलों में उसके पास बेहतर कॉलेज या MBBS सीट हासिल करने का अतिरिक्त मौका बन सकता है। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि हर छात्र को आसानी से सीट मिल जाएगी, क्योंकि NEET में प्रतिस्पर्धा अभी भी बहुत ज्यादा है।

सरकार की ओर से मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना भी है। नए मेडिकल कॉलेज और बढ़ी हुई MBBS सीटें लंबे समय में मेडिकल प्रोफेशन में ज्यादा युवाओं के प्रवेश का रास्ता खोल सकती हैं।

लेकिन यहां एक और महत्वपूर्ण सवाल है सिर्फ सीटें बढ़ाना काफी है क्या? मेडिकल सीट बढ़ने के साथ पर्याप्त फैकल्टी, अस्पताल की सुविधाएं, मरीजों की उपलब्धता, क्लिनिकल ट्रेनिंग और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता भी जरूरी है। क्योंकि डॉक्टर तैयार करना सिर्फ कॉलेज में सीट देने से नहीं होता, बल्कि अच्छी ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव भी उतना ही जरूरी है।

छात्रों के लिए इसका मतलब ये है कि अब NEET की तैयारी में मेहनत करने वालों के सामने अवसर पहले से ज्यादा हो सकते हैं। लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट पाने के लिए अच्छी रैंक हासिल करना अभी भी सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।

तो कुल मिलाकर, 13,186 नई MBBS सीटों का जुड़ना मेडिकल aspirants के लिए एक बड़ा विस्तार है। इनमें सरकारी कॉलेजों की 2,786 अतिरिक्त सीटें खास राहत दे सकती हैं।

अब बड़ा सवाल क्या आने वाले वर्षों में MBBS की सीटें और बढ़ेंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा NEET aspirants का डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सके?

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