Sunday, September 13, 2026 27.2° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

Uncategorized

उन्नाव केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सेंगर की सजा बरकरार !

उन्नाव रेप मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों को बड़ा झटका देते हुए उनकी सजा को चुनौती देने वाली याचिका सीधे रद्द कर दी। इसका मतलब यह है कि फिलहाल सेंगर को मिली जेल सजा बरकरार रहेगी और उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट का यह निर्णय मामले की गंभीरता और न्यायपालिका के रुख को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अपनी संतुष्टि जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे न्याय पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। परिवार का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में जाकर उन्हें अंतिम न्याय मिलेगा और इस मामले में देश का संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से उनके साथ है।

कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थकों के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनकी उम्मीदें कोर्ट से राहत पाने की थीं, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें निराश कर दिया। इससे यह भी साफ हुआ कि गंभीर अपराधों में न्यायिक प्रक्रिया तेजी से और सख्ती से लागू होती है।

उन्नाव केस देशभर में लंबे समय से चर्चा में रहा है। यह मामला सिर्फ एक अपराध का नहीं, बल्कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार और उनके न्याय के लिए संघर्ष की कहानी भी है। हाईकोर्ट का यह फैसला इस संदेश को मजबूत करता है कि कानून के आगे कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।

पीड़ित परिवार ने मीडिया से कहा कि उनका भरोसा सुप्रीम कोर्ट पर है और वे अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि न्याय पाने के लिए हर कानूनी विकल्प का इस्तेमाल करना उनका अधिकार है और वे इसे छोड़ने वाले नहीं हैं।

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और जनता में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोग कोर्ट के फैसले की सराहना कर रहे हैं और इसे न्याय की जीत बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग अब भी यह मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जाकर अंतिम फैसला आने तक पूरा मामला हल नहीं हुआ है।

फैसले के साथ ही यह मामला देश में कानून और न्याय प्रणाली के महत्व को भी सामने लाता है। यह साबित करता है कि पीड़ित चाहे किसी भी ताकतवर व्यक्ति के खिलाफ हों, न्याय पाने का अधिकार उन्हें हमेशा है।

उन्नाव केस के इस फैसले ने न केवल पीड़ित परिवार को हौसला दिया है, बल्कि समाज को भी संदेश दिया है कि कानून की नजर में अपराध और अपराधी दोनों का सही आकलन होना चाहिए।

अगले कदम के रूप में परिवार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और उम्मीद जताई जा रही है कि वहां से उन्हें अंतिम न्याय मिलेगा। इस फैसले ने न्याय की प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत किया है और यह भी दिखाया है कि कानून के जरिए ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।

written by :- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *