Wednesday, September 16, 2026 32.5° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

दुनिया का दंगल (International)

रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा महंगा? ट्रंप के 100% टैरिफ वाले बिल से बढ़ी चिंता !

अमेरिका में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की ताकत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देने वाला बिल आगे बढ़ रहा है। इस प्रस्ताव में भारत का नाम भी सीधे चर्चा में है। हालांकि सबसे जरूरी बात यह है कि भारत पर अभी 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है। यह फिलहाल अमेरिकी संसद में चल रही विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है।

मामला इसलिए अहम है क्योंकि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक नए संशोधन में भारत समेत 10 देशों को संभावित 100% टैरिफ के दायरे में नामित किया गया है। इससे पहले सीनेट से पारित संस्करण में देशों के नाम सीधे नहीं दिए गए थे और बड़े रूसी तेल खरीदारों के लिए सामान्य प्रावधान रखा गया था।

अमेरिका का प्रस्तावित कदम रूस की ऊर्जा कमाई पर दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले या प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालने की व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।

भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस भारतीय रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। भारत का कहना है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और ऊर्जा सुरक्षा के आधार पर होती है और वह अलग-अलग देशों से तेल खरीदता है। विदेश मंत्रालय ने इस अमेरिकी प्रस्ताव को लेकर कहा है कि भारत घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है।

अगर भविष्य में 100% टैरिफ वास्तव में लागू किया जाता है, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत पर पड़ सकता है। अमेरिकी आयातकों को भारत से आने वाले सामान पर ज्यादा शुल्क देना पड़ेगा, जिससे व्यापार और भारतीय निर्यातकों पर दबाव की स्थिति बन सकती है।

दूसरी तरफ भारत के सामने ऊर्जा से जुड़ा सवाल भी होगा। रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दबाव बढ़ने की स्थिति में भारत को अपनी तेल खरीद की रणनीति, सप्लाई स्रोत और लागत को लेकर नए समीकरण बनाने पड़ सकते हैं।

हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत पर 100% टैरिफ निश्चित रूप से लगेगा। बिल को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना है और इसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। अंतिम रूप से कानून बनने और राष्ट्रपति की ओर से कार्रवाई होने के बाद ही वास्तविक प्रभाव तय होगा।

यानी फिलहाल 100% टैरिफ की धमकी एक संभावित नीति है, लागू हो चुका शुल्क नहीं। अब नजर अमेरिकी संसद में होने वाली आगे की कार्रवाई और इस बात पर है कि अंतिम कानून में भारत को किस तरह शामिल किया जाता है और राष्ट्रपति ट्रंप इसका इस्तेमाल करते हैं या नहीं।

written by :- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *