सिरदर्द की गोली… कहीं किडनी पर भारी तो नहीं?
सिरदर्द हुआ और आपने बिना पर्ची के पेनकिलर खा ली? रुकिए… क्योंकि कुछ पेनकिलर का बार-बार या गलत इस्तेमाल आपकी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
खासकर NSAID वाली दवाएं, जैसे ibuprofen और diclofenac, कुछ परिस्थितियों में किडनी तक पहुंचने वाले खून के प्रवाह को कम कर सकती हैं।
और सबसे डरावनी बात? किडनी को नुकसान होने पर शुरुआत में अक्सर कोई खास दर्द या लक्षण नहीं दिखता।
खतरा तब और बढ़ सकता है जब शरीर में पानी की कमी हो, उम्र ज्यादा हो या पहले से BP, डायबिटीज या किडनी की बीमारी हो।
एक और खतरनाक स्थिति तब बन सकती है, जब BP की कुछ दवाएं, पेशाब बढ़ाने वाली दवा यानी diuretic और NSAID पेनकिलर एक साथ ली जाएं। इस कॉम्बिनेशन को आम तौर पर “triple whammy” कहा जाता है और कुछ लोगों में इससे किडनी पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ सकता है।
अब सवाल कितनी पेनकिलर खाने के बाद खतरा शुरू होता है?
इसका कोई एक तय नंबर नहीं है। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सी दवा है, कितनी मात्रा ली जा रही है, कितने समय से ली जा रही है और आपकी सेहत कैसी है।
इसलिए दर्द की दवा को रोज की आदत बनाना सही नहीं है। और याद रखिए हर पेनकिलर एक जैसी नहीं होती।
Paracetamol आमतौर पर NSAIDs की तुलना में किडनी के लिए कम जोखिम वाली मानी जाती है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए इसे भी सही डोज में ही लेना चाहिए।
अगर किडनी की जांच की जरूरत हो, तो डॉक्टर Creatinine, eGFR और urine protein जैसे टेस्ट करा सकते हैं खासकर तब, जब आपको BP, डायबिटीज या पहले से किडनी की समस्या हो।
तो अगली बार सिरदर्द या बदन दर्द हो और हाथ सीधे पेनकिलर की तरफ जाए… एक मिनट रुकिए।
पहले समझिए कि दर्द की वजह क्या है और क्या आपको सच में उस दवा की जरूरत है।
क्योंकि गोली दर्द को चुप करा सकती है… लेकिन गलत इस्तेमाल किडनी पर भारी पड़ सकता है।
written by:- Anjali Mishra
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