BRICS में भारत की कूटनीतिक ताकत! मोदी-पुतिन मुलाकात से देसी स्वाद वाले डिनर तक |
दिल्ली में चल रहे BRICS समिट के बीच भारत की कूटनीतिक ताकत की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और आपसी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मोदी-पुतिन मुलाकात की एक खास तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को तमिल कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। यह सिर्फ एक किताब का उपहार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर सामने रखने का संदेश भी माना जा रहा है।
BRICS बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने भारत को दुनिया के लिए अवसरों का नया केंद्र बताया। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने BRICS की तुलना G7 से करते हुए समूह की बढ़ती वैश्विक ताकत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने भी कहा कि BRICS में दुनिया की लगभग आधी आबादी शामिल है। यानी यह मंच अब सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और कूटनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से भी मुलाकात हुई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए शांति का रास्ता तलाशने की बात कही। ऐसे समय में भारत का यह रुख उसकी संतुलित विदेश नीति को भी सामने रखता है।
अब सबकी नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने पर है। मोदी-जिनपिंग मुलाकात को लेकर दुनिया की निगाहें इसलिए भी टिकी हैं क्योंकि भारत और चीन के बीच रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं। ऐसे में BRICS के मंच पर दोनों नेताओं की बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक समीकरणों के लिए अहम हो सकती है।
लेकिन BRICS समिट की कहानी सिर्फ बड़ी कूटनीतिक बैठकों और वैश्विक मुद्दों तक सीमित नहीं रहने वाली। प्रधानमंत्री मोदी विदेशी मेहमानों के लिए खास डिनर भी होस्ट करेंगे, जिसमें भारत के अलग-अलग राज्यों के मशहूर व्यंजनों के जरिए देश की खान-पान की विविधता दुनिया के सामने पेश की जाएगी।
डिनर के मेन्यू में उत्तर प्रदेश के गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौड़ी जैसे लोकप्रिय व्यंजन शामिल होने की बात सामने आई है। यानी एक तरफ टेबल पर दुनिया के बड़े नेता होंगे और दूसरी तरफ उनकी प्लेट में भारत के अलग-अलग राज्यों का स्वाद होगा।
कुल मिलाकर BRICS समिट में भारत सिर्फ मेजबान की भूमिका में नहीं, बल्कि एक सक्रिय कूटनीतिक खिलाड़ी के तौर पर नजर आ रहा है। मोदी-पुतिन की बातचीत, ईरान के साथ संवाद, संभावित मोदी-जिनपिंग मुलाकात और BRICS के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत अपनी कूटनीति के साथ अपनी संस्कृति और खान-पान को भी दुनिया के सामने रख रहा है। एक टेबल पर दुनिया के बड़े नेता… और प्लेट में भारत के अलग-अलग राज्यों का स्वाद क्या यही है भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और कूटनीति का नया अंदाज?
written by:- Anjali Mishra
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