Sunday, September 13, 2026 27.2° Lucknow

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

LiveNewsX

ताज़ा खबरें, हर पल की जानकारी

Government

गोरखपुर के बिछिया PAC ट्रेनिंग कैंपस में महिला सिपाहियों का हंगामा:

गोरखपुर के बिछिया स्थित PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) ट्रेनिंग कैंपस में उस वक्त हड़कंप मच गया जब करीब 600 महिला सिपाहियों ने एक साथ भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिला सिपाहियों का आरोप था कि बाथरूम में गुप्त कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उनकी निजता (privacy) का गंभीर उल्लंघन हुआ है। इस सनसनीखेज आरोप ने न केवल पूरे कैंपस को हिला कर रख दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तूफान खड़ा कर दिया है। लोग इस घटना को महिला सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, और प्रशासन से तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

महिला सिपाहियों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेनिंग कैंपस में बिजली की व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इसके अलावा, उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई है – कई बार खाने में कीड़े या बदबू की शिकायतें सामने आईं। ये हालात तब और गंभीर हो जाते हैं जब उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता है। कुछ सिपाहियों ने खुलकर कहा कि उन्हें लगातार मानसिक उत्पीड़न और दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका मनोबल गिरता जा रहा है।

इस मुद्दे के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #JusticeForWomenCadets, #PACPrivacyBreach, और #GorakhpurPACControversy जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने PAC प्रशासन से जवाब मांगा है। कई यूजर्स ने इसे “घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता” की संज्ञा दी और कहा कि यदि देश की महिला सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाज़ा लगाना कठिन नहीं है।

Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच टीम गठित करने की बात कही है और वादा किया है कि अगर बाथरूम में कैमरे जैसी कोई चीज़ मिली, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, महिला सिपाहियों ने भी साफ कर दिया है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे अपने विरोध को और तेज करेंगी। यह मामला अब सिर्फ एक कैंपस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सुरक्षा, कार्यस्थल पर सम्मान और मानसिक शोषण जैसे मुद्दों से जुड़ चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा बलों में भी प्रशासनिक पारदर्शिता, महिला गरिमा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अब तक गंभीर खामियां बनी हुई हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि इस घटना को एक चेतावनी की तरह देखा जाए और देशभर के पुलिस और सैन्य ट्रेनिंग संस्थानों में एक सख्त गाइडलाइन और ऑडिट सिस्टम लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाएं न दोहराई जाएं। गोरखपुर PAC की यह घटना अब एक बड़े सवाल के रूप में सामने है – क्या हमारी महिला सिपाहियों को वो सम्मान और सुरक्षा मिल रही है, जिसकी वे हकदार हैं?

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *